Saturday, October 10, 2009

हमें अगर लड़ाई लड़नी है तो वो गरीबी के खिलाफ लड़नी होगीः राहुल गांधी

10 अक्टूबर 2009 बल्लभगढ़ (हरियाणा): कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने बल्लभगढ़(हरियाणा) में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा ये चुनाव दो विचारधाराओं के बीच का चुनाव है। उन्होने कहा कि, “आपने दिल्ली में मनमोहन सिंहजी को प्रधानमंत्री बनाया। उस चुनाव में दो विचारधाराएं आमने सामने थी, इस चुनाव में भी वहीं लोग आमने सामने हैं। पहली विचारधारा कांग्रेस की विचारधारा है, सोनिया गांधीजी की, मनमोहन सिंहजी की विचारधारा है। जिसको हम आम आदमी की विचारधारा कहते हैं। हम कहते हैं कि अगर ये देश आगे बढ़ेगा, तो इस देश का हरेका व्यक्ति प्रगति में शामिल होगा-चाहे गरीब हो, किसान हो, मजदूर हो किसान हो, दलित हो, आदिवासी हो, सबके सब इस प्रगति में शामिल होंगे। दूसरी विचारधारा हमारे विपक्ष की है, वे कहते हैं कि प्रगति हो तो चुने हुए लोगों की प्रगति हो। गरीब, पिछड़े लोग उस प्रगति में शामिल न हो। साल 2004 में दो नारे चले-एक नारा हमारा आम आदमी की सरकार, आपकी सरकार। दूसरा नारा एनडीए सरकार का इंडिया शाईनिंग। इंडिया शाईंनिंग का मतलब हिंदुस्तान चमक रहा है। सबसे पहले उन्होने आपको नारा अंग्रेजी में दिया, जब उनसे पूछा गया कि भैया ये चमकते हुए हिंदुस्तान का नारा आपको कहां से मिला। उनके सीनीयर नेताओं में से एक ने बताया कि ये नारा हमें टेलिविजन पर मिला, एक एडवरटिजमेंट था कपड़ों का, वहां से ये नारा हमें मिला। वे आपके घर नहीं गए, आपसे पूछा नहीं कि क्या आपका हिंन्दुस्तान चमक रहा है। किसान के घर नहीं गए..उससे नहीं पूछा कि क्या उसका हिंदुस्तान चमक रहा है। मजदूर से नहीं पूछा कि उसका हिंदुस्तान चमक रहा है कि नहीं, टेलिविजन पर नारा दे दिया और आ गए इलेक्शन लड़ने।

कांग्रेस महासचिव ने कहा आगे कहा कि, “हमने आपको आम आदमी का नारा दिया, आपका नारा दिया, किसान का नारा दिया, दलित का, गरीब का, मजदूर का नारा दिया कि अगर सरकार हो तो सबकी हो। आपने 2004 में उनको बता दिया कि देखिए हिंदुस्तान में जो सरकार चलेगी वो सबकी सरकार होगी। अमीरों की सरकार नहीं होगी। बड़े-बड़े लोगों की सरकार नहीं होगी, हम सबकी सरकार होगी”।


सरकार के पांच साल के कामकाज का जिक्र करते हुए उन्होने कहा कि “पांच साल मनमोहन सिंहजी ने, हुड्डाजी ने आपके लिए काम किया। सबसे पहले हिंन्दुस्तान को और भी तेजी से आगे ले गए, प्रगति में और भी तेजी आई। इसमें उन्होने सबको शामिल किया। फिर हमने क्या किया। सबसे पहले रोजगार गांरटी प्रोग्राम-हर घर में सौ दिन के रोजगार की गारंटी। दुनिया का सबसे बड़ा रोजगार का प्रोग्राम, सबसे गरीब व्यक्तियों के हाथ में पैसा दिया। जब उस प्रोग्राम के बारे में पार्लियामेंट में बातचीत हो रही थी तो एनडीए के सीनीयर नेताओं ने कहा कि कांग्रेस पार्टी पैसा जाया कर रही है। गरीबों के लिए प्रोग्राम बनाओ तो उसे पैसे का जाया होना कहते हैं। उसके बाद हमें लगा कि किसानों को एनडीए की सरकार भूल चुकी थी। हमने 60,000 करोड़ रुपये किसानों को वापस किए। क्योंकि हमें लगा कि हर रोज किसान हिंन्दुस्तान के लिए लड़ता है, पसीना बहाता है। इस पर संसद में विपक्षी नेताओं ने कहा कि ये पैसा कहां से आएगा। हमने दिखा दिया उनको कि पैसा कहां से आएगा, काम करके दिखा दिया। शिक्षा में हर स्कूल में बच्चों को भोजन दिया। क्योंकि हम जानते हैं कि शिक्षा की सबसे ज्यादा जरुरत गरीबों को होती है। और अगर हम स्कूल में भोजन देंगे तो गरीब व्यक्ति भी अपने बच्चों को स्कूल भेज पाएगा ”।
गरीबों पर ध्यान न देने के लिए विपक्ष की आलोचना करते हुए उन्होने कहा कि, “मैं दो लोकसभा चुनाव लड़ चुका हूं। मैं आपको समझाना चाहता हूं कि आप इनकी सोच समझिए। हर चुनाव में इनके पास कोई मुद्दा नहीं था। ये आतंकवाद की बात करेंगे, पाकिस्तान की बात करेंगे, जिन्ना की बात करेंगे-लेकिन गरीबी की बात नहीं करते। इनके मुंह से गरीबी शब्द नहीं निलकला। हिन्दुस्तान में एक मुद्दा है, सबसे बड़ा मुद्दा, और वो है गरीबी। अगर हमें लड़ाई लड़नी है तो गरीबी से लड़ाई लड़नी है। ये क्या चाहते हैं कि दो हिंदुस्तान बने-एक हिंदुस्तान इनका नारा था चमकता हुआ हिंदुस्तान, चुने हुए लोगों का हिंदुस्तान। और दूसरा हिंदुस्तान था गरीबों का हिंदुस्तान, आपका-मेरा हिंदुस्तान। उसे वे छुपाना चाहते हैं”।

अपने गांव के दौरों का जिक्र करते हुए उन्होने कहा कि, “ इग्लैंड से एक मिनिस्टर आया। वो मुझसे मिलने मेरे घर आया। उसने कहा कि ये हिंदुस्तान जो है इतनी तेजी से क्यों आगे जा रहा है। मैने उससे कहा कि देखो भैया अगर ये बात आपको समझनी है तो आपको दिल्ली से आपको बाहर जाना पड़ेगा। बंबई से आपको बाहर जाना पड़ेगा, आपको गांव में जाना पडेगा। आपको किसानों से मिलना पड़ेगा जो रोज पसीना बहाते है इस देश के लिए। आपको उन महिलाओं से मिलना पड़ेगा जो रोज इस देश के लिए लड़ती हैं। वो मेरे साथ आए अमेठी, उनको मैने एक दिन बिठा दिया। विपक्ष के नेता नहीं जाते लेकिन वे गए। मैनें उन्हे गांव का खाना खिला दिया, पेट खराब हो गया होगा उनका, लेकिन गांव का खाना खिला दिया। किसानों से बात कराई, महिलाओं से बात कराई, बच्चों से बात कराई। वहां सुला भी दिया एक रात। सुबह उसने मुझसे कहा कि मैं दिल्ली- मुम्बई घूमता था, मगर मैने इस देश की शक्ति नहीं देखी थी। आज मैं गांव में गया और मुझे समझ में आई बात...कि हिन्दुस्तान इतनी तेजी से आगे क्यों बढ़ रहा है। हिन्दुस्तान इसलिए आगे बढ़ रहा है कि इसकी शक्ति गांव में है, इसकी शक्ति किसानों में है, इसकी शक्ति गांव की महिलाओं में है। उसी दिन मैने अखबार खोला और विपक्ष के लोग क्या कह रहे थे कि राहुल गांधी ने इग्लैन्ड के मिनिस्टर को गांव क्यों दिखाया। शर्माते हैं वे लोग...गरीबी से शर्माते हैं...छुपाना चाहते हैं गरीबी को”।

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