विधानसभा चुनावों के नतीजे के आने के साथ ही ये तय हो गया है कि कांग्रेस एक बार फिर से तीनों राज्यों में सरकार बनाने जा रही है। कांग्रेस महाराष्ट्र, हरियाणा और अरुणाचल प्रदेश में धमाकेदार वापसी की है। ऐसा तकरकीबन तीन दशकों में पहली बार हुआ है जब किसी पार्टी ने हरियाणा में दूसरी बार वापसी की है जबकि दूसरी तरफ कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन ने लगातार तीसरी बार महाराष्ट्र में सत्ता में वापसी की है। अरुणाचल प्रदेश में भी कांग्रेस ने भारी जीत दर्ज की है।
कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने इन चुनावों में तीन दिन प्रचार किया। उन्होने महाराष्ट्र और हरियाणा के 11 विधानसभा क्षेत्रों में रैलियां की जिसमें से ज्यादातर सीटें कांग्रेस जीत गई। कांग्रेस महासचिव ने महाराष्ट्र में 8 और हरियाणा में 3 जगह रैलियां की। उन्होने महाराष्ट्र में कलामनूरी, त्योसा, यवतमाल, चंद्रपुर,पनवेल, पूने कैंट,शहादा, औरंगाबाद और हरियाणा में समाखला, अटेली और बल्लभगढ़ में रैलियां की थी जिसमें पार्टी चंद्रपुर और समालखा छोड़कर सारी सीटें जीत गई।
महाराष्ट्र में जहा कांग्रेस महासचिव ने रैलियां की थी उसमें से पार्टी ने पूने कैंट और औरंगाबाद सीट बरकरार रखी जबकि उसने पांच सीटें दूसरी पार्टियों से छीन ली। पार्टी ने यवतमाल, त्योसा और शहादा सीटें बीजेपी से छीनी जबकि कलामनूरी सीट शिवसेना से झटक ली। पार्टी ने पीजेट्स एंड वर्कर पार्टी आफ इंडिया से भी एक सीट- पनवेल- झटक ली। वहीं बीजेपी सिर्फ एक सीट-चंद्रपुर- बचा पाई जबकि इसने चार सीट खो दिए।
हरियाणा में जहां-2 कांग्रेस महासचिव की रैलियां हुई थी उसमें से बल्लभगढ सीट पार्टी ने बरकरार रखी जबकि इसने अटेली सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली। पार्टी को सिर्फ समालखा सीट पर हार का सामना करना पड़ा।
Thursday, October 22, 2009
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