कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने समालखा(हरियाणा) में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि यूपीए सरकार ने गरीबों, पिछड़ों और दलितों के लिए काफी काम किए हैं। उन्होने कहा कि देश तेजी से तरक्की कर रहा है और इस तरक्की से हमें जो भी पैसा मिलता है उसे हमने आप तक पहुंचाने की कोशिश की। उन्होने कहा, ‘ हमारी सरका ने सबसे बड़ा प्रोग्राम रोजगार गारंटी योजना का दिया, हर परिवार को सौ दिन का रोजगार दिया। कर्जामाफी का प्रोग्राम, 60,000 करोड़ रुपये किसानों के हाथ में दिए। हमें लगा कि एनडीए की सरकार, विपक्ष की सरकार किसानों को भूल गई। उनके मुख्यमंत्री ने एक मीटिंग में कहा कि आज हिंदुस्तान में किसान की कोई जरुरत नहीं है। आज हमारे पास कम्प्युटर है, आईटी है तो किसान की क्या जरुरत है ? खाना खाते हैं किसान का, रोज खाना खाते हैं फिर पूछते हैं कि किसान की क्या जरुरत है। किसान इस देश की रीढ़ की हड्डी है। और इसलिए हमने किसान के हाथ में 60,000 करोड़ रुपये दिया...शिक्षा के लिए हर स्कूल में हमने भोजन दिया...क्यों दिया ? गरीब व्यक्ति के लिए दिया...गरीबों के बच्चों को स्कूल जाने में आसानी हुई...इसलिए दिया’।
गांवों का दौरा करने और उनके द्वारा गांवों में रात बिताए जाने के बारे में उन्होने कहा,
‘यहां जब हम आते हैं, गांव में जब जाता हूं मैं, तो विपक्ष के लोग कहते हैं कि राहुल गांधी को क्या हो गया...ये गांव में क्यों जाता है। ये गांव के घरों में खाना क्यों खा रहा है। मैं आपको ये बताना चाहता हूं। एक कहानी बताना चाहता हूं। कुछ साल पहले इंग्लैंड का एक मंत्री आया मेरे पास, उसने कहा कि ये हिंदुस्तान जो है इतनी तेजी से क्यों आगे जा रहा है। मैने उससे कहा कि देखो भैया अगर ये बात आपको समझनी है तो आपको दिल्ली से आपको बाहर जाना पड़ेगा। बंबई से आपको बाहर जाना पड़ेगा, आपको गांव में जाना पडेगा। आपको किसानों से मिलना पड़ेगा जो रोज पसीना बहाते है इस देश के लिए। आपको उन महिलाओं से मिलना पड़ेगा जो रोज इस देश के लिए लड़ती हैं। वो मेरे साथ आए अमेठी, उनको मैने एक दिन बिठा दिया। गांव का खाना खिला दिया, पेट खराब हो गया होगा उनका, लेकिन गांव का खाना खिला दिया। किसानों से बात कराई, महिलाओं से बात कराई, बच्चों से बात कराई। वहां सुला भी दिया एक रात। सुबह मुझसे कहते हैं कि मैं दिल्ली- मुम्बई घूमता था, मगर मैने इस देश की शक्ति नहीं देखी थी। आज मैं गांव में गया और मुझे समझ में आई बात...कि हिन्दुस्तान इतनी तेजी से आगे क्यों बढ़ रहा है। हिन्दुस्तान इसलिए आगे बढ़ रहा है कि इसकी शक्ति गांव में है, इसकी शक्ति किसानों में है, इसकी शक्ति गांव की महिलाओं में है। उसी दिन मैने अखबार खोला और विपक्ष के लोग क्या कह रहे थे कि राहुल गांधी ने इग्लैन्ड के मिनिस्टर को गांव क्यों दिखाया। शर्माते हैं वे लोग...गरीबी से शर्माते हैं...छुपाना चाहते हैं गरीबी को। हम छुपाना नहीं चाहते गरीबी को...हम गरीबी को पहचानना चाहते हैं..और इसको मिटाना चाहते हैं।
कांग्रेस महासचिव ने विपक्ष की इस बात के लिए आलोचना की कि वे गरीबों के मुद्दे नहीं उठाते। उन्होने कहा, ‘पिछले चुनाव में तीन महीने मेरा प्रचार चला...विपक्षी दलों ने कौन मुद्दे उठाए..आतंकवाद का मुद्दा उठाया, पाकिस्तान का मुद्दा उठाया...जिन्ना का मुद्दा उठाया लेकिन गरीबी का मुद्दा एक बार इनके मुंह से नहीं निकला। गरीबी के बारे में एक बात नहीं कही इन्होने। ये शब्द अच्छा नहीं लगता इनको। ये दो हिन्दुस्तान बनाना चाहते हैं-एक हिन्दुस्तान इंडिया शाईंनिंग का, अग्रेजी का हिंन्दुस्तान...बड़े-बड़े घरों का हिन्दुस्तान...दूसरा हिंदुस्तान...आपका हिंन्दुस्तान...मेरा हिंन्दुस्तान और गरीबों का हिंन्दुस्तान...। 2004 में आपने इनको समझा दिया, देखिए इंडिया शाइनिंग नहीं है...हमें आम आदमी की सरकार चाहिए...गरीबों की सरकार चाहिए..नरेगा की सरकार चाहिए...कर्जामाफी की सरकार चाहिए...पिछड़ों की सरकार चाहिए...बहुत मुद्दे उठाए उन्होने...लेकिन 2004 में आपने उनको घर भेज दिया...2009 में बात नहीं समझ मे आई इनको...वापस आए...फिर से वहीं मुद्दे...आतंकवाद...पाकिस्तान..आपने फिर से बता दिया इनको..कि भैया गांव में जाईये...आम आदमी की बात सुनिए...रोटी खाईये आम आदमी के घर में.. फिर राजनीति करिए...10 साल के लिए आपने इनको घर भेज दिया...दिल्ली में मनमोहन सिंहजी की सरकार लाई...आम आदमी की सरकार आई...अगले पांच साल में देखिए कैसे काम करते हैं आपके लिए...गरीबों के लिए पिछड़ों के लिए...किसानों के लिए मजदूरों के लिए...वहीं सवाल आज हरियाणा में आपके सामने है...आप यहां इंडिया शाइनिंग की सरकार चुन सकते हैं...चुने हुए लोगों की...जो आपके घरों में नहीं आएंगे...आपकी बात नहीं सुनना चाहते हैं...दो हिन्दुस्तान बनाना चाहते हैं..एक गरीबों का, एक अमीरों का। हम कहते हैं दो हिन्दुस्तान नहीं बनेंगे...एक हिन्दुस्तान बनेगा...प्रगति का हिन्दुस्तान...सब शामिल होंगे इसमें। ये आपके सामने है..हरियाणा का इलेक्शन है..हुड्डाजी हैं यहां। यहां आम आदमी की सरकार बनेगी, गरीबों की सरकार बनेगी, पिछड़ों की सरकार बनेगी...दलितो की सरकार बनेगी और मजदूरों की सरकार बनेगी। या फिर छोटे से चमकते हुए हिन्दुस्तान की सरकार बनेगी, बड़े-बड़े घरो की सरकार बनेगी...विपक्ष की सरकार बनेगी...आप चुनिए...आम आदमी की सरकार चुनिए...गरीबों की सरकार चुनिए...पिछड़ो की सरकार चुनिए। दिल्ली में आपकी सरकार है...हरियाणा में एक बार फिर बनाईये..एक साथ हम काम करेंगे’।
यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई का जिक्र करते हुए उन्होने कहा, 'आखिरी बात मैं कहना चाहता हूं...ये इलेक्शन की नहीं है...इलेक्शन के बाद की है। मैं यूथ कांग्रेस का जेनरल सेकरेटरी हूं...मैं एक बात बताना चाहता हूं...यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई के बारे में...और जो हमारे आनेवाले समय के नेता है...यूथ कांग्रेस के एनएसयूआई के...और जो हजारों युवा इस संगठनों में आए हैं...इस संगठनों में वहीं लोग आगे जाएंगे जो गरीबों के लिए लड़ेंगे...पिछड़ों के लिए लड़ेंगे...दलितों के लिए लड़ेगे...मजदूर और किसानों के लिए लड़ेंगे...और विपक्ष मेरा मजाक उड़ाता है कि मैं गांव में जाता हूं...मैं यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई के सब लड़कों को गांव में भेजूंगा...आपसे बातचीत करने...और गांव में से नेताओं को उठाउंगा...और आगे बढ़ाउंगा...क्योंकि इस देश को उस शक्ति की जरुरत है जो गरीबों में है।..जो शक्ति किसानों में है उसकी जरुरत है..क्योंकि उसी शक्ति से ये देश आगे बढ़ेगा...आप की शक्ति से...आप यहां आए इसके लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। यहां एक युवा प्रत्याशी है, उसको जिताइये..वो गरीबों के लिए काम करेगा...आपका बहुत-2 धन्यवाद।
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