कांग्रेस महासचिव के इस दौरे को मीडिया और यहां तक की पार्टी के कार्यकर्ताओं की निगाह से भी दूर रखा गया था। इसकी वजह ये थी कि वे जनता से सीधा संवाद करना चाहते थे और उन योजनाओं का फर्स्ट हैंड अनुभव लेना चाहते थे जो आम जनता के लिए चलाई जा रही है। ऐसे में राहुल जब एक गांव पहुंच तो उन्होने लोगों से पूछा कि क्या वे उन्हे पहचानते हैं? लोग जबतक उन्हे पहचानने की कोशिश करते, एक 20 साल के नौजवान ने राहुल को पहचान लिया।
ये घटना सुनने में मामूली लग सकती है लेकिन इसका एक अलग महत्व है। राहुल गांधी देश के युवाओं की धड़कन बन चुके हैं जहां एक सुदूर गांव का युवा भी राहुल को पहचान लेता है। एक ऐसे दौर में जब नेताओं की अपने क्षेत्र तक में उपलब्धता पर सवाल उठाए जाते हों और लोगबाग उन्हे पहचान न पाते हों, ऐसे में राहुल गांधी को एक अजनबी ग्रामीण और पिछड़े इलाके में एक युवा द्वारा पहचान लिया जाना इस बात का सबूत है कि वे किस हद तक युवाओं के दिल में रच बस चुके हैं। इस देश के युवा भले ही अपने जन प्रतिनिधि को न पहचान पाते हो लेकिन वे राहुल गांधी को पहचान जाते हैं। राजनीति और नेताओं के प्रति उदासीनता के इस दौर में ये बात इस बात की तस्दीक करती है कि राहुल गांधी में इस देश का युवा अपना अक्श देखने लगा है।
Friday, September 25, 2009
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